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कश्मीरी लहसुन के अज्ञात स्वास्थ्य लाभ और उपयोग

कश्मीरी लहसुन को हिमालय में उगाया जाता है | उच्च ऊंचायी और भौगोलिक स्थिति के कारण वहाँ की मिट्टी ,पानी और हवा स्वाभाविक रूप से प्रकृतिक कार्बनिक हैं | पुराने समय में पर्वतारोही कश्मीरी लहसुन को परिधीय परिसंचरण को बनाए रखने के  लिए , ऑक्सिजन क्षमता और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए , कड़ी ठंड के मौसम में अपने शरीर को detoxify करने के लिए खाने के उपयोग में लाते थे | कश्मीरी लहसुन या snow mountain garlic पृथ्वी की सबसे विशिष्ट जड़ीबूटी है क्योंकि सिर्फ इसको ही हिमालय के पहाड़ों में सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है, जहां बहुत कम पौधों की प्रजाति कड़ी ठंड में जिंदा रह पाती है |

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कश्मीरी लहसुन के लाभ

हाल ही की कुछ खोजों के मुताबिक , यह पाया गया है कि लहसुन खाने से कैंसर होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है | यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के अलावा मधुमेह और हृदय रोगों को दूर रखने में मदद करता है | कश्मीरी लहसुन खाने के कुछ अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं जैसे मस्तिष्क तंत्रिकाओं का revitalization और मस्तिष्क के ट्यूमर कि रोकथाम |

कसमिरी लहसुन किन किन बीमारियों का उपचार करता है :

कैंसर:

लहसुन में 30 से भी अधिक organosulphur यौगिक होते हैं , जिनमे से कई में एंटि – कैंसर गुण होते हैं | उनमे से एक organosulphur  यौगिक का नाम diallyl trisulphide (DATS ) है जो कि कैंसरयुक्त कौशिकाओं को मारकर, उनकी रोकथाम करके या उनके प्रसारण और विस्तारण का अवरोध करके कैंसर से लड़ता है | कुछ खोजों के परिणाम से पता चलता है कि लहसुन जानवरों में स्तन , प्रोस्टेट, पेट, कोलोन , esophageal, मूत्राशय और त्वचा के कैंसर की प्रगति और विकास की रोकथाम करता है | University of North Carolina के द्वारा  किए गए अध्ययन  से पता चलता है कि जो लोग लहसुन का उपभोग करते हैं उनमे colorectal कैंसर होने कि संभावना दो तिहाई से कम हो जाती है |

National Cancer Institute के मुताबिक लहसुन से पेट के कैंसर होने का खतरा 52%, अग्न्याशय कैंसर होने का खतरा 54%, कोलोन कैंसर होने का खतरा 50%, और प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा 50% तक कम हो जाता है | कुछ अनुसंधान करने वालों ने दिखाया है कि लहसुन में sulphur यौगिक भी शामिल हैं जो Glioblastoma से लड़ने में बहुत प्रभावशाली है ,जो कि  एक बहुत खतरनाक तरीके का मस्तिष्क ट्यूमर है |

सर्दी और खाँसी :

अध्ययनों से पता चलता है कि रोजाना कश्मीरी लहसुन खाने से सर्दी और खाँसी होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है | इसके अलावा जो लोग सर्दी से पीड़ित हैं वो जल्दी ठीक हो जाते हैं और सर्दी के बाद संक्रमित होने संभावना कम हो जाती है | विशेषज्ञों का सुझाव है कि 2 से 4 ताज़ा लहसुन कि लौंग या फिर कुल 1200 मिलीग्राम फ्रीज़ ड्राइड लहसुन, जो कि तीन खुराकों में विभाजित किया गयी है रोजाना खानी चाहिए | लहसुन के स्वास्थ्य लाभ को बढ़ाया जा सकता है ,उसको खाना बनाने से पहले crush या mince कर लें | यह प्रतिक्रीया लहसुन में मौजूद दो महत्वपूर्ण रसायनों को जोड़ती है जिनका नाम alliinase और alliin है और इन दोनों को जोड़कर एक बहुत ही शक्तिशाली यौगिक बंता है जिसका नाम allicin है | इसमे कोई  आश्चर्य नहीं है कि कश्मीरी लहसुन काली खाँसी को ठीक करने में क्यों मदद कर सकता है | लहसुन का सिरप पाँच बूंद की खुराक में प्रत्येक दिन दो से तीन बार लेना चाहिए| अगर खाँसी तेज़ और बार बार आ रही है तो आप लहसुन के सिरप की खुराक बढ़ा सकते हैं |

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फेफड़ों का कैंसर :

कश्मीरी लहसुन फेफड़ों के कैंसर का इलाज करने में बहुत मदद करता है | फेफड़ों के कैंसर की शुरुआत मुख्य रूप से खाँसी, सीने में दर्द और खाँसी में रक्त आने से शुरू होती है | लहसुन को नियमित रूप से रोजाना खाने से फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना बहुत कम हो जाती है | लहसुन की तीन फांक सुबह नाश्ते से पहले और रात को सोने से पहले खानी चाहिए |

मधुमेह:

कश्मीरी लहसुन, मधुमेह के इलाज के लिए Asia, Europe, और Middle East पारंपरिक रूप से प्रयोग किया जाता है | भारत,जापान, और सऊदी अरब में मानव और जानवरों पर किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि लहसुन रक्त शर्करा को कम करता है और नियंत्रित रखता है | भारतीय खोज से पता चला है कि allicin और vitamin B thiamine के मिश्रण से pancreas इंसुलिन उत्पन्न करते हैं |

हृदय रोग और उच्च रक्तचाप :

कश्मीरी लहसुन रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है , इस प्रकार हृदय रोगों कि संभावना कम हो जाती है | अध्ययनों से साबित हुआ है कि लहसुन LDL cholesterol और triglycerides के रक्त स्तर को 20 प्रतिशत रसायनों तक कम कर देता है | एक व्यापक अध्ययन ने खुलासा किया है कि जो लोग रोजाना चार महीने तक 800 मिलीग्राम लहसुन के पाउडर का सेवन करते हैं उनके cholesterol का स्तर 12 प्रतिशत और triglycerides का स्तर 17 प्रतिशत तक कम हो जाता है|

लहसुन कि खुराक systolic और diastolic रक्तचाप को महत्वपूर्ण रूप से कम करती है | लहसुन में मौजूद hydrogen sulphide नमक एक रसायन , मांसपेशियों  को आराम देता है इस प्रकार रक्तचाप को सीमित करने में मदद करता है|

लहसुन रक्त के गाढ़ेपन को कम करके रक्त के जमने और दाँत के मैल को उत्पन्न होने से रोकता  है, इस प्रकार thromboses और stroke का खतरा कम हो जाता है| एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग लहसुन के तेल को रोजाना 10 महीने तक पीते हैं वो लोग हानिकारक रक्त के थक्के से83 प्रतिशत तक कम प्रवण होते हैं|

उच्च कोलेस्ट्रॉल:

लहसुन (Allium sativum) प्याज़ और हरी प्याज़ से बहुत नजदीकी से जुड़ा हुआ है| इसको अपनी विशिष्ट गंध के कारण से ‘ The stinking rose ‘ का  नाम दिया गया है| लहसुन के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभों में से एक लाभ संभावित प्रभावशीलता से कोलेस्ट्रॉल स्तर को कम करना है|

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मानव और जानवर दोनों पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि रोजाना डेढ़ ग्राम या एक ग्राम लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिलती है| लहसुन triglyceride और कोलेस्ट्रॉल का स्तर 20 मिलीग्राम /Dl तक कम कर सकता है|

कश्मीरी लहसुन या Snow Mountain Garlic Bud

कश्मीरी लहसुन का उपयोग कैसे करें –

कश्मीरी लहसुन जिसे Snow Mountain Garlic भी कहा जाता है , लहसुन का सबसे शुद्ध रूप है | यह जम्मू कशमीर का पुराना पौधा है| इसमें कई स्वास्थ्य लाभ हैं और लाघभाग हर बीमारी के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है|

कुछ सामान्य बीमारियों के लिए कश्मीरी लहसुन का उपयोग निम्नलिखित है :

  • मुहांसों के लिए : 2 या 3 फांक को छीलें और प्रभावित भाग पर 10 मिनट तक मालिश करें |
  • अस्थमा के लिए : लहसुन की 2 फली लें और उसको छील लें| एक ग्लास दूध में उबालकर रात को पीएँ|
  • पाचन विकारों के लिए : लहसुन की 2 फली लें| उसको 1 कप दूध या पानी में उबाल लें| दिन में 1 बार इसका सेवन करें|
  • उच्च रक्तचाप के लिए : लहसुन की 2 फली को खाली पेट खाएं|
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल के लिए : लहसुन की 3 या 4 फली को छीलें और खाली पेट खालें|
  • घावों के लिए : लहसुन के रस को निचोड लें और थोड़े पानी के साथ मिलाएँ| इस मिश्रण से घाव को दिन में दो बार धोएँ|
  • क्षय रोग के लिए : 2 से 4 फली छीलें और मसलें | एक कप दूध में उबालकर रोजाना दिन में एक बार पीएँ|
  • Ascaris के लिए : 10 फली को छीलकर निचोड़ले और 1 ग्लास पानी में भिगोकर रख दें | अगले दिन सुबह खाली पेट पी लें |

अब जब आप कश्मीरी लहसुन के उपयोग और लाभों को जानते हैं , तो इसे अपने आहार में शामिल करें और इसके लाभ उठाना शुरू करें |

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नोट - यहां पर दी गई जानकारी केवल एक सलाह के तौर पर है। हम इनमें से किसी भी उपचार को आजमाने के लिए आप पर किसी प्रकार का कोई भी दबाब नहीं बना रहे हैं। अतः आपसे निवेदन है कि किसी भी उपचार को अपनाने से पहले किसी डॉक्टर अथवा विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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